Power Bank App: सिर्फ चार महीने में कैसे उड़ाए 250 करोड़ रुपये, आपके लिए जानना है बहुत जरूरी

Power Bank App: सिर्फ चार महीने में कैसे उड़ाए 250 करोड़ रुपये, आपके लिए जानना है बहुत जरूरी

पिछले साल 2020 में लॉकडाउन के समय भारत में हजारों मोबाइल एप ऐसे एक्टिव हो गए थे जो महज कुछ मिनटों में ही लोगों को मनचाहा लोन दे रहे थ। बाद में यह खुलासा हुआ कि ये सभी एप चाइनीज हैं और लोन की वसूली के लिए लोगों को ब्लैकमेल किया जा रहा है। इन चाइनीज एप्स ने कुछ लोगों को इस कदर ब्लैकमेल किया की,उन्होंने आत्महत्या तक कर ली। इन एप्स के बैन होने के बाद भारत में इस तरह के कुछ और एप्स आ गए हैं जिनमें से एक एप का नाम पावर बैंक (Power bank) है। इस पावर बैंक एप ने महज चार महीने में ही लगभग 250 करोड़ रुपये की ठगी की हैं। उत्तराखंड की पुलिस ने इस ऑनलाइन एप powerbank की ठगी का भंडाफोड़ किया है। शुरुआती जांच में कहा जा रहा है कि पावर बैंक एप के गिरोह ने देश के करीब सभी राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाया था। आइए हम जानते हैं कि आखिर एक एप के जरिए 250 करोड़ रुपया की इतनी बड़ी ठगी को कैसे अंजाम दिया गया था , और इससे बचने के क्या-क्या तरीके हैं…

प्ले-स्टोर पर भी उपलब्ध है पावर बैंक एप ?
Powerbank एप प्लेस्टोर पर Power Bank India नाम से अभी मौजूद है। कहा जा रहा है कि यह एप इसी साल 2021 में फरवरी में प्ले-स्टोर पर पहली बार आया। इस एप का आखिरी अपडेट 4 जून 2021 को रिलीज किया गया था। पावर बैंक एप को प्ले-स्टोर पर बिजनेस कैटेगरी में शामिल किया गया था। अभी तक इस एप को 50 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड कर लिया है। इस एप को प्लेस्टोर पर पब्लिश करने वाली कंपनी का नाम Indian power बताया गया है और इस एप के डेवलपर की ई-मेल आईडी techguru7006@gmail.com है। प्ले-स्टोर पर इस एप के बारे में बताया गया है कि इसे बंगलूरू की एक टेक्नोलॉजी कंपनी ने तैयार किया है। खबर लिखे जाने तक एप को इंस्टॉल करने का विकल्प नहीं पाया गया ।

पावर बैंक एप से क्या होता था लोग इसे क्यों डाउनलोड करते थे ?
पावर बैंक एप से लोगों के पैसे महज कुछ ही दिनों में दोगुने करने का काम होता था, हालांकि वास्तव में ऐसा नही था लोगों को पैसे दोगुने नहीं, बल्कि गायब हो रहे थे। पुलिस के जांच के मुताबिक पावर बैंक एप के जरिए महज 15 दिनों में पैसे डबल करने का झांसा दिया जाता था। इस बात का खुलासा तब हुआ जब इसकी शिकायत साइबर थाने आयी थी । उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता एडीजी अभिनव कुमार ने बताया कि श्यामपुर के रहने वाले रोहित कुमार और कनखल हरिद्वार के रहने वाले राहुल कुमार गोयल ने साइबर थाने को एक शिकायत की थी। उनकी शिकायत के अनुसार दोनों ने गूगल प्ले स्टोर से पावर बैंक नाम से एक एप्लीकेशन डाउनलोड किया था। निवेश संबंधी इस एप्लीकेशन में महज 15 दिनों में पैसा दोगुना करने का दावा किया गया था। इस लालच में आकर दोनों ने क्रमश: 91 हजार और 73 हजार रुपये गंवा दिए थे । पुलिस के मुताबिक इस एप के जरिए लोगों से 15 दिन में पैसे डबल करने का लालच देकर पैसे लिए जाते थे और उसके बाद इन पैसे को कुछ शेल कंपनियों में जमा कर दिया जाता था। ये पैसे डिजिटल पेमेंट के द्वारा ट्रांसफर होते थे। इसके बाद शेल कंपनियों के अकाउंट से पैसे को क्रिप्टोकरेंसी या फिर किसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था और फिर उसे दूसरे देश में जमा कर दिया जाता था। ये सब अथॉरिटी से बचने के लिए होता था। ताकी कोई भी उस तक पहुंच न सके. इसके बाद इन पैसों को दूसरे देशों में जमा करा दिया जाता था।

आप कैसे बच सकते है ऐसे फ्रॉड से ?

शुरुआती बातें जो सामने आ रही हैं, उससे ऐसा लग रहा है कि लोगों ने लालच में आकर पैसे डबल करने के चक्कर में इस एप में पैसे लागते थे । कुछ लोगोंं ने इस बात की भी शिकायत की है कि इस एप में पैसा लगाने के बाद एप ने काम करना ही बंद कर दिया था और प्ले-स्टोर से भी कुछ समय के लिए गायब हो गया था। अब यहां आपको यह समझना होगा कि किसी भी अनजान एप जो आपको पैसा डबल करने की झांसा दे या इस तरह की किसी भी बात का झांसा दे उस एप में लालच में आकर पैसा न लगाएं, खासकर ऐसे एप जिन्हें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने प्रमाणित नहीं किया हो , उस एप्स में पैसे लगाने की गलती बिल्कुल ना करें।

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