अब सेकेंड में सही हो जाएगा mobile का क्रैक स्क्रीन, वैज्ञानिकों ने खोजा नया तकनीक…

अब सेकेंड में सही हो जाएगा mobile का क्रैक स्क्रीन, वैज्ञानिकों ने खोजा नया तकनीक :- वैज्ञानिकों (Material Sincentists) ने एक ऐसा अपने आप ठीक होने वाला तकनीक तैयार किया है जो मोबाइल (Mobile) की क्रेक स्क्रीन (Cracked Screen) को एक सेकेंड के अंदर ही ठीक कर देगा

अब स्मार्ट फोन (Smart Phone) दिन प्रतिदिन और भी स्मार्ट होते जा रहे हैं. इनमें केवल स्मार्ट सॉफ्टवेयर ही नहीं बल्कि न्यू हार्डवेयर भी ऐसे अपडेट हो रहे हैं जिससे सेलफोन(Mobile) कंपनियां लोगों के लिए उनके मोबाइल और ज्यादा सुरक्षित, आरामदेह और नई सुविधाओं से सम्पुद उपयुक्त बना रहे हैं. इनमें से कई सुविधाएं तो कुछ साल पहले तक कल्पनीय भी लगाती थी, जैसे कि फोल्डेबल स्क्रीन वाले फोन. इस तरह का यूनिक फीचर भी कुछ ही समय में मोबाइल फोन में देखने को मिलने लगेगा, क्योंकी शोधकर्ताओ ने ऐसा पदार्थ (Material) का खोज कर लिया है जिससे फोन की क्रैक हुई स्क्रीन कुछ ही सेकेंड में अपने आप ठीक (Self-Healing) हो जाएगी |

सबसे बड़ी समस्या यह है कि :-
स्मार्टफ़ोन के स्क्रीन का क्रैक होना एक बहुत बड़ी समस्या है. यह मोबाइल फ़ोन में स्क्रीन ही है , जिसके सबसे पहले स्क्रीन क्रैक होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है, लोग इसको बचाने के लिए स्क्रीन गार्ड , मोबाइल कवर का सहारा लेते रहते हैं और उन्हें इस बात का खास ख्याल रखना होता है कि उनका मोबाइल ना कभी ना गिरे और उसकी स्क्रीन क्रैक/टूट ना जाने पाए. स्मार्टफ़ोन क्रैक होने की स्थिति में उसे बदलना भी आसान नहीं होगा. इसे किसी दुकान या सिर्विस सेन्टर पर ले जाकर ही बदलवाना पड़ता है |

जबकि कोलकत्ता के विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिको ने इस समस्या का समाधान बहुत ही आसानी से पता कर लिया है. उन शोधकर्ताओं ने ऐसा मटेरियल पता करने में सफलता पाई है, जो स्मार्टफोन स्क्रीन के लिए आदर्श है. यह पारदर्शी पदार्थ बहुत ही मजबूत होने के साथ चटकने या क्रेक होने पर खुद ब खुद ठीक हो जाता है. इस पदार्थ से स्मार्ट फोन में बहुत ही अहम व आसान सुविधा देखने को मिल सकेगी |

ऐसा पहले भी हुए बहुत बार हुआ हैं ऐसे प्रयास :-
वैज्ञानिक दशकों से इस तरह का पदार्थ विकसित करने का बहुत प्रयास कर रहे थे जबकी खुद ब खुद ठीक हो सके यानि सेल्फ हीलिंग पदार्थ के रूप में काम कर सके सभी. इस काम में पहले वैज्ञानिकों को सफलता भी मिल चुकी ही है. इससे पहले अमेरिकन कैमिकल सोसाइटी के शोधकर्ताओं ऐसे छोठे तैरने वाले रोबोट विकसित किए गय थे जो की चुंबकीय तौर से खुद को सुधार कर सकते थे. वहीं सिंगापुर की नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने स्मार्ट फोम पदार्थ बनाया गया है जिससे रोबोट के हाथ खुद सुधार सकते हैं और वे चीजों को महसूस भी कर सकते हैं.

लेकिन मोबाइल के लिए :-
इन दोनों के ही मामलों में सबसे बड़ी समस्या यह थी कि यह पदार्थ मुलायम और अपारदर्शी थे और स्मार्ट फोन स्क्रीन जैसे उपयोगों के लिए उपयुक्त नहीं थे. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार ISER के बैज्ञानिको ने IIT KHARAGPUR के शोधकर्ताओं के साथ मिकलर ऐसा पदार्थ विकसित करने पर ध्यान दिया जो स्वः उपचारक पदार्थों से अधिक ठोस और मजबूत हो –

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कैसे जुड़ती है स्क्रीन :-
इन विशेष रूप से डिजाइन किए गए क्रिस्टल में परमाणुओं के क्रम के कारण दो सतहों के बीच एक तीव्र आकर्षण बल लगता है. जब भी सतह पर कोई टूटने, जैसे की स्क्रीन में क्रैक होना, होती है, आकर्षण बल के कारण टुकड़े वापस पुरानी स्थिति में आ जाते हैं. इसके लिए ऊष्मा जैसी किसी उत्प्रेरक की जरूरत नहीं पड़ती है जैसा कि बहुत से स्वउपचारक पदार्थों के लिए आवश्यक होता हैं.

शोधकर्ताओं का कहना है कि उनका पदार्थ दूसरे स्वउपचारक पदार्थों की मुकाबले 10 गुना ज्यादा ठोस है और अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल उपयोगों के लिए उपयुक्त है. उनका ऐसा मानना है कि यह जल्द ही सभी स्मार्ट फोन में उपयोग में लाया जाने लगेगा.

Ankit Rauniyar

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